Page Experience kya hai | Page Experience क्या है| Web Vital क्या है?

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Hello Friends! अगर आप एक blogger है और आप blogging करते हैं तो आपको Google के Algorithm Update  से आने पर कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है तो दोस्तों आज ऐसे ही एक update के बारे में हम इस post में बात करने वाले है| दोस्तों आज हम Google Page Experience Update 2021 या Google के Latest Algorithm update के सभी aspect के बारे में, साथ ही हम SEO में Web Vitals, LCP, FID, CLS क्या है इन सब के बारे में जानगे तो चलिए दोस्तों शुरू करते है 

क्या आपको पता हैं uxcam.com के अनुसार अगर कोई Website load होने में 3 second से ज्यादा time लेती है तो 40% users उस Website से return चले जाते है| और यदि किसी Website से Users को अच्छा experience नहीं मिलता तो Users फिर कभी उस Website पर visit करना पसंद नहीं करते |  

Google Page Experience Update-

दोस्तों Google Page Experience Update 2021, SEO का एक बहुत ही important part है जो की आपकी Website की ranking को improve करने मेंसहायता करेगा ।

Google ने Google Page Experience का announcement कर दिया गया है।Google Page Experience आने वाले वर्ष 2021 में roll out हो जाएगा। Google ने पहले ही 28 मई 2020 को इस update के बारे में बता दिया है। हाल ही में Google ने नए algorithm update के बारे में officially announcement किया है और इसे 2021 में launch किया जाएगा। 

किसी भी Website के Web Page Experience को measure करने के लिए कई aspects हैं। 

दोस्तों आपको भी लगा होगा कि Google ने इस update की घोषणा पहले ही क्यों की?

इसके बारे में मैं आपको बता दूँ कि इससे Web developer को web pages के Experience पर काम करने के लिए अधिकतम समय मिल जायेगा क्योंकि Website बनाने के लिए web developer ही Responsible होता है Page का Experience अच्छा हो इसके लिए वे अभी से Work start करके उन्हें सही कर ले ताकि जब भी यह update आये तब आपके web page का Experience अच्छा हो। 

Page Experience के द्वारा Google या search engine यह पता करता है की आपकी वेबसाइट का performance कैसा है? और आपकी website Google की नजर में किसी हैं |

अगर आपकी Website का Page Experience अच्छा है तो आपकी Ranking भी improve होगी और आपका page search में top में आने लगेगा और अगर आपका Page Experience अच्छा नहीं है तो आपकी वेबसाइट की Ranking Down भी हो सकती है और हो सकता हैं कि आपका page google search show ही ना होता हो।         

दोस्तों इस algorithm के update होने से पहले आपके Website के  सभी Page Experience को improve करना होगा ताकि आपकी rank improve हो down नहीं|

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Page Experience क्या है? (What Is Page Experience In Hindi)

Page Experience संकेतो का एक समूह है जोकि ये measure करता है की कोई User किस Website के किस Web Page पर कितना time रुकता है और उस web page पर क्या क्या activities करता है| Page Experience में Web vitals होते है जो कि metrics का एक set है जिनका काम Web Page के performance, interactivity और Visual stability को measure करना होता हैं | 

अभी भी बहुत से ऐसे bloggers है जो नहीं जानते कि Page Experience kya होता hai| दूसरे शब्दों में कहा जाए तो Page Experience Google के द्वारा किसी भी Website के Web Page के किसी भी Specific term को मापने का SEO विशिष्ट शब्द है| जिसमे Core Web Vitals का बहुत बड़ा role होता है| 

चलिए आपको इसे मै एक example का यूज़ करके समझता हूँ माना की आप किसी Mall में अपने लिए T-shart लेने गए| वहाँ आप एक ऐसी Cloth shop में गए जो आपकी काम की और देखने में अच्छी लग रही थी| लेकिन जब आप उस shop में enter करते है तो वहाँ आपके साथ कोई proper तरीके से deal नहीं करता हैं | 

इसके just opposite जब आप दूसरे Cloth shop में enter करते है तो वहाँ आपको साथ अच्छे से deal तो किया जाता है जिससे आपको उस shop से अच्छा experience मिलता है| और आप satisfied होकर T-shart खरीदते है| 

यही Google के search engine result page पर भी होता है जब कोई user किसी topic को search करता है, और वहाँ दिखाए गए search results में से किसी एक Web Page को open करता है| फिर वही user उस web page पर जो भी activity करता है जैसे आपके द्वारा अपने blog में add किये गए online products को check करना या किसी image पर click करना| वो सब Page Experience में measure किया जाता है| 

Google के Ranking Factors क्या हैं?  

किसी भी Website के Web Page को measure करने के लिए Google के पास बहुत सारे Ranking Factors है| जिनमे से कुछ important Ranking Factors यहाँ बताये है| 

  • User Experience 
  • Content Depth
  • Backlinks 
  • Web Page Loading Speed 
  • AMP 
  • Search Intent 
  • Freshness 
  • Topic Authority 
  • Content Accuracy 

Google ने अभी कुछ time पहले ये announced किया है की किसी भी Web Page के Ranking factors में से Page Experience को अब सबसे ज्यादा importance दी जाएगी| 

Page Experience के Criteria कौन से है?

Page Experience के 5 Main Criteria है जो की इस प्रकार है| 

1. Core Web Vitals 

Page Experience में सबसे पहले Core Web Vitals आते है जिन्हे Google ने Page Experience को launch करने से कुछ time पहले ही launch किया है| Core Web Vitals metrics का एक समूह है जो की किसी भी Web Page या website की  loading speed , interactivity और visual stability को measure करता है|

Core Web Vitals metrics में निम्न को रखा गया हैं?

#Largest Contentful Paint(LCP)

User का Experience आपके Website के प्रति अच्छा हो उसके लिए सबसे पहले जरुरी है की आपके Page की loading speed अच्छी होनी चाहिए| जिसे Google LCP के जरिये मापता है| Google के अनुसार किसी भी Web Page की loading speed 2.5 sec सबसे best मानी जाती है|

#First Input Delay(FID)

FID Webpage पर की गई activities को measures है, यह user को webpage के interact करने में कितना समय लगता है। वो मापता हैं | FID का सही time 100 मिलीसेकंड है।

#Cumulative Layout shift(CLS) 

CLS visual stability को मापता है जैसे ads या popups को लोड करने में कितना time लगता है| Google के अनुसार CLS का time 0.1 सेकंड है।

इसके बारे में विस्तार से निचे बताया गया हैं आप वहाँ जाकर पूरी जानकारी ले सकते हो |

2. Mobile Usability 

Google search console के Page Experience में second no पर Mobile usability रखा गया है| Google के अनुसार, Mobile usability में ये measure किया जाता है की जब कोई user अपने mobile में आपके web page को open करे तो आपका web page mobile friendly होना चाहिए| मतलब उसे यूजर को आपका Web page अपने mobile में open करने में कोई problem नहीं होनी चाइए | 

3. Security Issues  

Third No पर आता है Security Issues रखा गया | इसमें आपके Web Page के URL की Security issues को measure किया जाता है| अगर आप खुद का personal blog लिखते है या अपने blog पर online products sell करते है या आपका कोई eduction से related ब्लॉग हैं तो इसमें आप अपने Users (customers) की personal details चाहिए होती है| 

Google के according, आपको अपने Visitors की personal information confidential (गुप्त) रखनी चाहिए| अगर आपके Web page के URLs का Security issues ठीक होता है तभी वह page experience में right tick दिखाया जाता है| 

4. HTTPS Usage 

HTTPS Usage में ये measure किया जाता है आपकी Blog Website Users के लिए कितनी Secure है क्योकि Google और Users को आपकी Website पर तभी trust होता है जब आपकी Website HTTPS से secure होती है | और HTTPS Security के लिए आपको SSL Certificate की जरूरत होती है| अगर आपको Page experience signals में right tick चाहिए तो आपकी website HTTPS से secure होनी चाहिए| 

5. Ad Experience

Ad Experience में ये measure किया जाता है की आपके द्वारा लगाए गए Ads से Users को किसी भी तरह कोई परेशानी न हो क्योकि जब कोई user आपके Web Page को open करता है और अगर Users को बार बार Ads का pop up show होगा है तो इससे आपके user का आपके content पर focus नहीं हो पाता है जिस कारण उसे आपके website से अच्छा experience नहीं मिलता है| 

जिससे वह आपकी website से जल्दी ही return हो जाता है| जिसका result ये होता है की वेबसाइट का bounce rate बढ़ने लगता है| Google के लिए सबसे पहले उसके users का experience आता है| अगर users को आपकी website से अच्छा experience नहीं मिलता है तो Google आपकी website को down करने लगता है इसलिए आप इस बात का ध्यान रखे कि आप जो भी Ads अपने Page पर लगा रहे हैं उनसे Users को कोई problem न हो| 

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Page Experience Latest Updates

Google Search Console के Page Experience में mid june में जो updates होंगे वो इस प्रकार है| 

1. Major Update 

Google Algorithm में ये implements (core web vitals, mobile usability, security issues, HTTPS usage और ads experience) जिन मे से core web vitals Page experience में सबसे important role play करेंगे| 

Core web vitals किसी भी Web Page के ranking को बहुत impact करेंगे| 

Google की new policies के अनुसार, इस update के बाद AMP format की कोई requirement नहीं होगी| और इसके साथ ही core web vitals score या page experience किसी भी page को top stories carousel दिखाने के लिए eligible होंगे| साथ ही साथ Google अब गूगल News App भी लेकर आ रहा है जो page experience में add किया जायेगा | ये update august या September mid 2021 तक rollout होंगे| 

2. Broad Core Update 

Broad Core Update में किसी भी Web Page या website में लगाए जाने वाले Backlinks की Qualities और Page speed loading में update किया जायेगा | 

3. Minor Update

Minor update में micro algorithm पर थोड़े परिशोधन किये जायेंगे| जिसमे daily basis पर Google search result और user के experience को बेहतर बनाने की कोशिश की जाएगी|  

Web Vitals kya han

Google ने Website के Page Experience को improve करके ranking को बढ़ाने के लिए कुछ aspects या criteria decide किया है जिन्हें Web Vital कहते है। इनमें LCP, FID तथा CLS आते है यदि आप चाहते है की आपकी Blog Website Google के search engine में top पर rank करे तो आपकी Website का इन तीनो factor में अच्छा performance होना बहुत जरुरी है| इसे SEO metrics भी कह सकते है| 

Largest Contentful Paint (LCP): LCP Browser में एक Webpage के loading की performance को decide करता है और उसे मापता भी है। जिसके कारण अब user को एक अच्छा experience provide करना आवश्यक है LCP Google Page Experience के समय के अनुसार होना चाहिए। जो की 2.5 सेकंड LCP के लिए Google द्वारा निर्धारित time है। मतलब 2.5 Second के अन्दर आपका page load होना ही होना चाहिए। Google के अनुसार किसी भी Web Page की loading speed 2.5 sec सबसे best मानी जाती है| और 4 sec होने पर Google needs improvement करने के लिए आपको इशारा कर देता है अगर loading speed 4 sec से ज्यादा हो गयी तो ये उस Page को  poor result माना जाता है| 

First Input Delay (FID): Largest Contentful Paint(LCP) की तरह ही First Input Delay(FID) में भी Web Page को measure किया जाता है| इसमें अगर user का आपके Web Page पर Interact 100 milliseconds होता है तो वो गूगल के अनुसार सबसे best माना जाता है| अगर 300 ms होता है तो improvement के लिए कहा जाता है| और 300 ms से ज्यादा होने पर FID को poor category में रखा जाता है|   

Cumulative Layout Shift (CLS): Cumulative Layout shift के जरिये Website के Web Page के Visual Stability measure की जाती है| अगर आपकी Website के Web Page का CLS 0.1 होता है तो इसे Good माना जायेगा| और अगर 0.25 होता है तो Needs improvement के लिए कहा जायेगा| लेकिन अगर CLS 0.25 से ज्यादा होता है तो ये poor CLS माना जायेगा| 

Web Vitals कैसे Measure करें 

Core Web Vitals Mesaure करने के लिए आपको Google Search Console में login करना है इसके बाद आपको left sidebar में Enhancements पर Click करना है।

अब आपके सामने एक Core Web Vitals की information show हो गई होगी अगर नही show हो रही है तो आपको वहां Try PageSpeed Insightsलिखा हुआ दिख रहा होगा, अब आप उस पर click करेंगे तो आपको आपके webpage या website के Vitals जैसे- LCP, FID, CLS आदि information मिल जाएगी।

दोस्तों इन्ही aspects को improve करके आप अपने web page की ranking improve कर सकते है। इसके लिए आपको निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए

  • आपकी Website secure है या नही। 
  • आपकी वेबसाइट malware infacted तो नही है। 
  • Website Mobile friendly है या नही 
  • Loading Time 
  • Content quality & Stability 

इसके द्वारा आप page speed भी check कर सकते है।

तो दोस्तों Google के कई updates आते रहते है लेकिन Google Page Experience की सुचना गूगल ने जल्दी इसलिए दी ताकि आप अपने content, page speed, loading time और कुल मिलके कहें तो Page Experience को improve कर सकें। ताकि आपकी Ranking down न हो। 

Page Experience Update क्यों जरुरी है?

क्या आपको पता है Google किसी भी Website को क्यों और कैसे Rank करता है? इसका आपको कोई अंदाज़ा है,क्या आपको ये लगता की Page Code पर buttons वाली Websites ही rank करती है या सबसे अच्छी backlinks वाली Websites ही top पर Rank करती है, ऐसा बिलकुल नहीं हैं कुछ Time पहले अच्छी backlinks वाली Websites ही top पर Rank करती है लेकिन अब ऐसा नहीं हैं | 

अब Google किसी भी Website को users के experience के अनुसार Rank कराता है| मतलब किसी user ने google में कुछ search किया और अगर वो user Search Engine Results Page(SERP) पर दिखाए गए websites में से जिस Web page पर click करता है|  और अगर उस user को वो website से अच्छा experience मिलता है, तभी google आपकी website को rank कराएगा अन्यथा Rank नहीं कराएगा| 

Google अपने users के experience को किस प्रकार से count करता हैं ये तो आपको कोई नहीं बताया सकता| लेकिन इसमें update होना important है| Page Experience के Update से Google को काफी help मिलेगी| इससे Google को अपने users के interest के बारे में जाने में आसानी होगी| जिससे Google और भी ज्यादा deply results अपने users को दे पायेगा|  

Updates के लिए अपने Website को कैसे Prepare करें?

आपको अपने Website को mid june में होने वाले updates के लिए अभी से prepare करना होगा| मै आपको बताऊँगा कि आप अपनी Website को आने वाले updates के लिए कैसे prepare कर सकते है| जिसके लिए ये 6 points इस प्रकार है| 

  • एक अच्छा सा Web Hosting Service ले
  • Website को Mobile Friendly बनाये जिससे mobile users को कोई प्रॉब्लम न आये
  • Website की Loading Speed कम न होने दे
  • Website की Safety का ध्यान रखे
  • Website पर Quality Content रेगुलर डालते रहें जिससे गूगल को ये लगे की आप active हैं अपनी Website पर
  • Annoying Ads न लगाए

Search Console में Page Experience कैसे use करे

दोस्तों , अभी कुछ दिनों पहले ही google search console के अंदर Page Experience के Feature को Add किया गया है। तो आइये जानते हैं इसे कैसे use करें |

  • दोस्तों आपको Page Experience उपयोग करने के लिए आप सबसे पहले Search Console को open कर लेना।
  • Search Console Open करने के बाद आपको left side में Page Experience का ऑप्शन(option) दिख रहा होगा , आपको उस पर क्लिक करना हैं ।
  • यहाँ पर आपको सबसे पहले Option में उन URl की लिस्ट दिख जाएगी जिनका page experience अच्छा है।
  • थोड़ा सा नीचे स्क्रॉल करने पर आपको Page Experience के Signal दिख जायँगे। जैसे – webcore vital , Mobile Usability, Https , Security और Ad एक्सपीरियंस।
  • आपके किसी भी signal में कोई भी error होगा तो वह यहाँ पर दिख जाएगा , अगर सब कुछ सही होगा तो यह ऑप्शन(Option) Green Colour में show होगा नहीं तो रेड कलर में होगा ।

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FAQ

Q1- Page Experience Update कब आने वाला है ?

Ans – Page Experience Update Mid June 2021 से websites पर Roll out होने लग जायगा।

Q2 – Page Experience Signal क्या है ?

Ans – यह कुछ signals है जिसके आधार पर Google आपके overall Page Experience को judge करता है।

Q3 – Page Signal में कौन कौन से फेक्टर आता है ?

Ans – page signal में WebCore vitals, Https, security issues और Ad Signal आता है।

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तो दोस्तों अब बिना देर किये अपने website के web page को Google Page Experience को improve करने में लग जाइये। 
आज के इस post में इतना ही, आशा करता हूँ यह post आपको अच्छा लगा होगा। अगर कोई प्रश्न हो तो comment के माध्यम से पूछियेगा। 

धन्यवाद   

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